A look at the screen, a sign saying 'out', a dejected shrug and the heaviest walk of our hero's career.

When MS Dhoni walked out of the field last night, our hopes and dreams also left with him. You see, the two have been inseparable for years.

Source: Twitter

Those shoulders, heavy with the expectations of an entire nation, drooped and we all cried collectively.

It has been some hours and we are still struggling to find words for that grief, but thank goodness Ravish Kumar has us covered.

Source: Bihar Shariff

In an Instagram post dedicated to Dhoni, Ravish expressed his sadness of seeing Dhoni leave the ground.

Aaj mann udaas hai. Run out hokar Dhoni ko laut-ta dekh achchha nahin laga. Dhoni ko maidaan mein utarne se pehle balle ko soonghte dekha. Laga jaise samjha rahe hon ki aaj saath dena. Aaj khelna hai. Maidaan se Dhoni ka balla bhi udaas laut raha tha.
Source: The Week

He then went on to talk about his other favourite cricketers, before ending the post with these lines:

Main Dhoni ke saath hoon. Kyonki cricket ki meri smritiyon mein Dhoni hi saath hain. Wo jiss team mein hain uske saath hun. Main match nahin dekhta lekin Dhoni ko dekhta hun. 
Source: The South African

'Aaj uska lautna dekha nahin gaya.'

Humse bhi, Ravish. Humse bhi.

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आज मन उदास है। रन आउट होकर धोनी को लौटता देख अच्छा नहीं लगा। धोनी को मैदान में उतरने से पहले बल्ले को सूँघते देखा। लगा जैसे समझा रहे हों कि आज साथ देना। आज खेलना है। मैदान से धोनी का बल्ला भी उदास लौट रहा था। बल्ले ने तो साथ दिया भी। शायद पैर ने कुछ कमी कर दी। उम्र की थकान को समझने लगा हूँ। मेरी क्रिकेट की दुनिया दो चार खिलाड़ियों तक सीमित है। उसमें से एक धोनी है। डेविड गार भी हैं। उन दिनों में जब भी टीवी देखा डेविड गार को चलते देखने के लिए देखा। चलने की ऐसी शालीनता फिर नहीं दिखी। सर रिचर्ड हेडली को मुस्कुराते हुए देखने के लिए देखा। कपिल देव के अनुशासन के लिए देखा कि ये खिलाड़ी हमारे क्लास टीचर की तरह रोज़ आता है। बिना नागा। बीमार ही नहीं पड़ते हैं। ऐसे ही धोनी को समभाव से टिक कर खेलते हुए देखा। धोनी है तो होनी है। रन बनेगा। एक बार लगा कि धोनी अपने कैरियर के आख़िरी मैच की तरह खेल रहे हैं। टीम को फ़ाइनल में ले जाएँगे। मैं धोनी के साथ हूँ। क्योंकि क्रिकेट की मेरी स्मृतियों में धोनी ही साथ है। वो जिस टीम में है उसके साथ हूँ। मैं मैच नहीं देखता लेकिन धोनी को देखता हूँ। आज उसका लौटना देखा नहीं गया।

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